मेरे फ़रिश्ते


सबसे कीमती था वो पल मेरी ज़िन्दगी का,
जब मेरी दुनिया में मेरे लाल आए,
मेरे सपनों को साकार करने मेरे दो फ़रिश्ते आए;
उनके कोमल हाथों को पकड़ उन्हें चलना सिखाया मैंने;
उन्हें कहानियाँ कहकर उनमे जीवन के मूल्यों को भरा मैंने;
आज जब वे बड़े होकर कोई ईनाम पाते हैं,
गर्व से मेरा सीना फूल जाता है;
जब कोई तारीफ़ करता उनकी मुझे उनपे गुरूर आता है;
खुदा करे फूले फलें वे सदा;
नाज़ करे ये देश जिसमे ये हुए पैदा;

राजश्री २३/०८/२००८


टिप्पणियाँ

? ने कहा…
Hello,

On translation, I'm glad I came by this blog and from reading it suddenly there is a feeling of vastness, of connection, and I dissolve into it. What an interesting post. I think you have just gained yourself a reader or follower in the parlance of blogging.

Also, I see you are a salmon rushdie fan as well. I'm reading presently one of his books, the satanic verses, have you completed it and what do you think of it?

I would like to return here if you do feel a counter visit is worth a bit of your time considering our individual deadlines?

My compliments.
Ankit ने कहा…
we want more poems! we want more poems!

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Raj Dulara

Tiranga