माँ का आँचल; कैसे करें उस माँ की ममता का बखान, कैसे बताएं कि वो कितनी थीं महान; तिनके बटोर सिखाया बनाना संसार, बचपन में दिए हमें संस्कार, सिखाया हमे जोड़ना परिवार, किस तरह मनकों से बनता है सुंदर हार; सिखाया करना गुज़ारा गर नहीं हो बहुत,हो थोडा ; जाये कैसे परिवार के रिश्तेसंबंधों को जोड़ा ; जीवन के मूल्यों को दिया ऊँचा स्थान, सिखाया बुजुर्गों को देना सम्मान; तपती धूप में दिया अपना आँचल पसार, उनकी नज़रों में थे सबके लिए आशीष बेशुमार, थपकियाँ देके सुलाया जब हमे था बुखार, याद आता है उनका स्नेह भरा स्पर्श बार बार; किस तरह बचाया जब था आंधी तूफ़ान, किस तरह बताएं कि वो कितनी थीं महान;
एहसास- कभी होता है एहसास की रह गयी हूँ अकेली ; फिर सोचती हूँ की इंसान आता है अकेला और जाता है तनहा ; बनते रहतेंहैं रिश्ते जिनमे छूटते रहते हैं के बनते रहते हैं नए भी ; अंत में रह जाती हैं कुछ यादें जो अलग एहसास छोड़ जातींहैं ; जीवन तो एक सफ़र है एक मौका कुदरत का, जिनमे इन रिश्तों के साथ जीना है एक सार्थक ज़िन्दगी , जो जाते समय दे एक सुकून की सही तरह जी पाए ये ज़िन्दगी ; कर पाए अपने फ़र्ज़ पूरे सभी और दे पाए जहाँ को कुछ ऐसा जिसने , दिया मेरे अपनों को एक गर्व का एहसास;
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